खटीमा में चाय पीते हुए राहुल गांधी पर बरसे सीएम धामी, जाति वाले बयान पर दिया तीखा जवाब

CM Pushkar Singh Dhami | Rahul Gandhi | Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में स्थानीय लोगों के साथ चाय पीते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जाति संबंधी बयान पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के साथ चाय पीने के दौरान उन्हें चाय का स्वाद और लोगों का अपनापन महसूस हुआ….लेकिन कहीं भी जाति नजर नहीं आई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर विषय में जाति और भेदभाव तलाशना समाज को बांटने वाली सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा कि देश और समाज को आगे बढ़ाने के लिए लोगों को जोड़ने की राजनीति पर जोर दिया जाना चाहिए।

चाय के कप को लेकर राहुल गांधी पर निशाना

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चाय के कप में भी जाति और राजनीति तलाशना संकीर्ण सोच का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि कप डिस्पोजेबल हो सकता है….लेकिन सोच इतनी डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए कि चाय में भी जाति और राजनीति ढूंढ ली जाए।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी अपनापन की रही है। यहां लोगों के बीच रिश्ते और अपनत्व किसी जाति के आधार पर नहीं देखे जाते।

उन्होंने कहा कि समाज को बांटने के बजाय लोगों को जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशहित में ऐसी राजनीति जरूरी है जो समाज में भाईचारा और एकता मजबूत करे।

उत्तराखंड के युवाओं को विदेश में मिलेगी नौकरी? सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए ये बड़े निर्देश

Uttarakhand Jobs | Global Employment | Skill Development : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में जमैका, इथियोपिया और जाम्बिया में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों ने मुलाकात की। इस दौरान उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर, कुशल कर्मचारियों की जरूरत और युवाओं को जरूरी प्रशिक्षण देने को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा शामिल हुए।

विदेशों में नौकरी की मांग के अनुसार ट्रेनिंग पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अलग-अलग देशों में किन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं और कहां कुशल कर्मचारियों की जरूरत है….इसकी जानकारी भारतीय मिशनों के साथ लगातार संपर्क कर जुटाई जाए।

उन्होंने कहा कि विदेशों की जरूरत के अनुसार उत्तराखंड के युवाओं को कौशल के साथ संबंधित भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए। इससे युवाओं को विदेशों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

इन क्षेत्रों में मिल सकते हैं अवसर

जाम्बिया के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने बताया कि वहां कुशल मानव संसाधन की जरूरत है। शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में उत्तराखंड के युवाओं के लिए अवसर तलाशे जा सकते हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों से जुड़ी विस्तृत जानकारी राज्य सरकार को उपलब्ध कराने की बात कही।

वहीं जमैका के उच्चायुक्त मयंक जोशी ने बताया कि पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और कृषि के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं हैं। खास तौर पर प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की मांग बताई गई।

इथियोपिया के राजदूत देवेश उत्तम ने प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के साथ फार्मास्युटिकल और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी।

उत्तराखंड के होम स्टे मॉडल को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के होम स्टे मॉडल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को राज्य के सफल होम स्टे मॉडल से परिचित कराया जा सकता है।

इसके अलावा फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

युवाओं के लिए बनेगी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। जरूरत है कि उन्हें वैश्विक स्तर की मांग के अनुसार कौशल और प्रशिक्षण दिया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को अलग-अलग देशों में कुशल कर्मचारियों की मांग का आकलन कर युवाओं के प्रशिक्षण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य है कि विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाई जाए और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देकर इन अवसरों से जोड़ा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु और सचिव विनय शंकर पांडेय भी मौजूद रहे।

हल्द्वानी: आपके मन में भी है कोई सवाल? कुमाऊं IG से सीधे होगी बात, जानिए कब और कैसे

IG Nivedita Kukreti | POCSO Law | Women Safety : कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती एक विशेष जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों के सवालों का जवाब देंगी। कार्यक्रम में पोक्सो कानून, महिलाओं से जुड़े अपराध, नशे और नशे से जुड़े अपराधों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

कार्यक्रम में आम लोग इन विषयों से जुड़ी अपनी शिकायतें और समस्याएं भी सीधे आईजी के सामने रख सकेंगे। संबंधित मामलों में कार्रवाई और समाधान की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

एक सितंबर को होगा कार्यक्रम

यह विशेष कार्यक्रम मंगलवार 1 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसमें लोग फोन के माध्यम से कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती से सीधे बातचीत कर सकते हैं।

अगर किसी व्यक्ति के मन में पोक्सो कानून, महिला अपराध, नशे या नशे से जुड़े अपराधों को लेकर कोई सवाल है…तो वह कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रख सकता है।

इन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क

लोग दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

99975 90101 05946-235005

कार्यक्रम का उद्देश्य गंभीर अपराधों और सामाजिक समस्याओं से जुड़े लोगों के सवालों को सीधे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचाना और उन्हें कानून व कार्रवाई से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना है।

हल्द्वानी में फिर गरमाई सियासत, राहुल गांधी की FIR के बाद कोतवाली पहुंची कांग्रेस

Haldwani Congress Protest | Rahul Gandhi FIR | Uttarakhand Politics : हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण के मामले को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार 31 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के नेतृत्व में हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर विरोध जताया।

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, श्रीराम सेवा से जुड़े गिरीश पांडे समेत करीब 15 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

राहुल गांधी पर FIR को बताया अन्यायपूर्ण

कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी गलत और अन्यायपूर्ण बताया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण किया गया….लेकिन इस मामले में कांग्रेस की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई।

यशपाल आर्या का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ कुछ ही समय में एफआईआर दर्ज कर दी गई….जबकि कांग्रेस पहले ही शुद्धिकरण मामले में पुलिस को शिकायत दे चुकी थी।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। यशपाल आर्या ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कांग्रेस ने कथित एआई से बनाए गए फर्जी वीडियो के मामले में भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि पुलिस को सभी मामलों में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके कुछ दिन बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा उनके भाषण वाले मंच का कथित तौर पर शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया।

इसके बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और अब राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया है।

फिलहाल कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने और दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस की ओर से इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर है।

उत्तराखंड : विश्वविद्यालय में छात्रा की मौत के बाद हंगामा, छात्रों ने प्रशासन के सामने रखी ये बड़ी मांग

Pauri Garhwal | University Student | Student Protest : भरसार स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में बीएससी हॉर्टिकल्चर की एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्रा की मौत की खबर के बाद विश्वविद्यालय परिसर में साथी छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए।

मृतक छात्रा की पहचान मधु यादव के रूप में बताई गई है। वह बीएससी हॉर्टिकल्चर चतुर्थ वर्ष की छात्रा थी और मूल रूप से पंतनगर की रहने वाली बताई जा रही है।

अचानक बिगड़ी थी तबीयत

छात्राओं के मुताबिक शनिवार रात मधु की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उसे सर्दी और बुखार की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर साथी छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधा से इलाज कराने की कोशिश की।

छात्राओं का आरोप है कि परिसर में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं होने के कारण मधु को बेहतर उपचार के लिए बाहर ले जाना पड़ा।

कई अस्पतालों में कराया गया इलाज

छात्राओं के अनुसार मधु को विश्वविद्यालय की एंबुलेंस से पाबौ अस्पताल ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद एंबुलेंस को लेकर भी परेशानी हुई। इसके बाद सरकारी एंबुलेंस की मदद से उसे पौड़ी अस्पताल पहुंचाया गया।

पौड़ी में इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर मधु को श्रीनगर रेफर किया गया। वहां भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ….जिसके बाद रविवार को उसे ऋषिकेश ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मेडिकल और एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल

मधु की मौत के बाद साथी छात्राओं ने विश्वविद्यालय की चिकित्सा और एंबुलेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं…..इसलिए आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और जरूरी संसाधन होने चाहिए।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि मधु की तबीयत बिगड़ने के समय उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वार्डन के व्यवहार पर भी सवाल

छात्राओं ने विश्वविद्यालय की वार्डन के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतें सामने रखीं। उनका कहना है कि मुश्किल समय में छात्राओं को पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।

विरोध कर रहे छात्रों ने मांग की कि छात्रा की मौत के पूरे मामले की जांच की जाए और यदि चिकित्सा सुविधा या अन्य स्तर पर कोई लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।

प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश

मामले की जानकारी सामने आने के बाद गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही विश्वविद्यालय में चल रहे छात्रों के विरोध को देखते हुए एक मजिस्ट्रेट अधिकारी को मौके पर भेजकर छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने को कहा गया है।

गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि उन्हें मामले को लेकर अभी तक कोई शिकायती पत्र या आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी।

फिलहाल छात्रों का विरोध जारी है और वे विश्वविद्यालय में चिकित्सा तथा एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

उत्तराखंड: त्योहारों की भीड़ से पहले रेलवे की तैयारी पूरी, इन रूटों पर बढ़ाए गए स्पेशल ट्रेन के फेरे

Festival Special Trains | Haridwar Railway | Rishikesh Travel : त्योहारों के सीजन में ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए अतिरिक्त रेल सुविधा देने की तैयारी की है। मुरादाबाद मंडल से जुड़ी कई स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाई गई है। साथ ही इनके अतिरिक्त फेरे भी निर्धारित किए गए हैं।

इससे हरिद्वार और योगनगरी ऋषिकेश से राजस्थान समेत दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिलेगा। खासतौर पर त्योहारों पर घर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेनों का विकल्प मिल सकेगा।

बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन के बढ़े फेरे

बाड़मेर से हरिद्वार के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 04811 का संचालन 31 अगस्त से 28 सितंबर 2026 तक सोमवार और गुरुवार को किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन के 9 फेरे होंगे।

इसके बाद पूजा अवधि में 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक इस ट्रेन के 18 अतिरिक्त फेरे निर्धारित किए गए हैं।

वहीं हरिद्वार से बाड़मेर जाने वाली ट्रेन संख्या 04812 एक सितंबर से 29 सितंबर तक मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी। इस दौरान इसके 9 फेरे होंगे। इसके बाद 2 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक पूजा अवधि में ट्रेन के 18 फेरे निर्धारित किए गए हैं।

अजमेर-ऋषिकेश के बीच भी चलेगी स्पेशल ट्रेन

अजमेर जंक्शन से योगनगरी ऋषिकेश के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 09611 भी त्योहारों के दौरान यात्रियों के लिए उपयोगी होगी। यह ट्रेन प्रत्येक बुधवार को चलेगी।

14 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक इस ट्रेन के 7 अतिरिक्त फेरे निर्धारित किए गए हैं।

वापसी में योगनगरी ऋषिकेश से अजमेर जंक्शन जाने वाली ट्रेन संख्या 09612 प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी। इसके 15 अक्टूबर से 26 नवंबर तक 7 फेरे निर्धारित किए गए हैं।

नियमित ट्रेनों में भीड़ कम करने में मिलेगी मदद

त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है।

हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं….जिनमें से कई लोग त्योहारों पर अपने घर जाते हैं। ऐसे में इन विशेष ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे यात्रियों को यात्रा का एक और विकल्प देंगे और नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने में मदद करेंगे।

रेलवे ने यात्रियों से की अपील

मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाई गई है। अतिरिक्त फेरे मिलने से यात्रियों को यात्रा के अधिक विकल्प मिलेंगे और नियमित ट्रेनों में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा करने से पहले संबंधित स्पेशल ट्रेन के संचालन के दिन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे के अधिकृत यात्री सूचना और आरक्षण माध्यमों से जरूर जांच लें।

उत्तराखंड : कुंभ में पहुंचते ही श्रद्धालुओं को मिलेगा संस्कृत वाला स्वागत, जानिए सरकार की पूरी तैयारी

Haridwar Kumbh | Sanskrit Language | Uttarakhand Culture : उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। आगामी कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार और ऋषिकेश में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत संस्कृत भाषा के शब्दों और श्लोकों से किया जाएगा। यानी यात्रियों को अब ‘Welcome’ के बजाय ‘स्वागतम्’ जैसे संस्कृत शब्द सुनने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संस्कृत को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश को संस्कृत नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के जरिए संस्कृत भाषा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।

100 से ज्यादा लोगों को दिया जाएगा संस्कृत का प्रशिक्षण

उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के सचिव प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने कहा कि संस्थान जल्द ही 100 से अधिक लोगों को संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण देगा। इसमें रेलवे स्टेशन के कुली, ऑटो चालक, टैक्सी चालक, बस कंडक्टर और अन्य आम लोगों को शामिल किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यात्रियों से बातचीत में इस्तेमाल होने वाले सामान्य संस्कृत शब्द और वाक्य सिखाए जाएंगे। इसके बाद ये लोग कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से संस्कृत के सामान्य शब्दों में संवाद कर सकेंगे।

योजना के तहत अलग-अलग वर्गों के लोगों को हर महीने प्रशिक्षण देने की तैयारी है….ताकि कुंभ के दौरान अधिक से अधिक लोग संस्कृत में यात्रियों का स्वागत कर सकें।

कुंभ के प्रचार में भी संस्कृत का इस्तेमाल

कुंभ मेले के प्रचार-प्रसार में भी संस्कृत भाषा को प्रमुखता देने की योजना बनाई गई है। प्रचार सामग्री और विभिन्न प्रतीक चिन्हों में संस्कृत का इस्तेमाल किया जाएगा। कुंभ से जुड़े कार्यों और कार्यक्रमों के प्रचार में भी संस्कृत भाषा का प्रयोग करने की तैयारी है।

इस पहल के लिए उत्तराखंड संस्कृत संस्थान को बजट की स्वीकृति भी दी गई है।

अपर कुंभ मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने कहा कि कुंभ में संस्कृत के ज्यादा इस्तेमाल से उत्तराखंड की प्राचीन संस्कृति और भाषा का संदेश देश-विदेश तक पहुंचेगा। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और टैक्सी-ऑटो सेवाओं से जुड़े लोगों के संस्कृत में स्वागत करने से उत्तराखंड की अलग सांस्कृतिक पहचान भी सामने आएगी।

सबसे पहले कुलियों से होगी शुरुआत

इस अभियान की शुरुआत हरिद्वार रेलवे स्टेशन के कुलियों से किए जाने की तैयारी है। कुली संगठन ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत किया है।

कुली संगठन के अध्यक्ष किशन सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान को सीखा जाएगा। हरिद्वार आने वाले यात्रियों का स्वागत संस्कृत के शब्द ‘स्वागतम्’ से करने की कोशिश की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य सिर्फ कुंभ के दौरान संस्कृत का इस्तेमाल बढ़ाना नहीं….बल्कि उत्तराखंड की प्राचीन भाषा और संस्कृति को आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पहुंचाना भी है।

हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले में एक और करवट

Haldwani: Rahul Gandhi: Police: रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आया है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। दलित युवकों विनोद आर्य और अमित कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने अनुसूचित जाति के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। दोनों युवक रामलीला मैदान में शुद्धिकरण कार्यक्रम कराने वाले न्यास से जुड़े बताए जा रहे हैं।

अमित कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR संख्या 297/2026 दर्ज की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के खिलाफ बीएनएस की धारा 196 और 299 के साथ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(q) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड: विधायक के गृह क्षेत्र में महिलाओं के लिए शौचालय नहीं! माहवारी के दौरान युवती की आपबीती ने खड़े किए सवाल

Someshwar News, Women Toilet, Almora News : सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख बाजार में महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की सुविधा का अभाव अब सवाल खड़े कर रहा है। हाल ही में एक युवती की आपबीती सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। इंटरनेट मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार माहवारी के दौरान अचानक जरूरत पड़ने पर युवती और उसकी दोस्त को शौचालय के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी।

सोमेश्वर निवासी नेहा खर्कवाल के अनुसार वह अपनी दोस्त के साथ बाजार गई थीं। इसी दौरान उनकी दोस्त को अचानक माहवारी शुरू हो गई। आपात स्थिति में वाशरूम की जरूरत पड़ने पर दोनों चौराहे के पास एक होटल पहुंचीं…लेकिन उन्हें शौचालय इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिली। होटल की ओर से उन्हें सार्वजनिक शौचालय जाने के लिए कहा गया।

करीब 300 मीटर दूर बताया गया सार्वजनिक शौचालय

नेहा के मुताबिक सार्वजनिक शौचालय करीब 300 मीटर दूर था। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शौचालय में दरवाजा तक नहीं था। इस स्थिति ने महिलाओं और युवतियों के लिए बाजार में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

माहवारी के दौरान महिलाओं को परेशानी

नेहा ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि माहवारी महिलाओं के जीवन की सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है और इसे लेकर शर्म की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि बाजार जैसी सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के लिए साफ, सुरक्षित और उपयोगी शौचालय होना जरूरी है।

विधायक के गृह क्षेत्र में सुविधा को लेकर सवाल

सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र की विधायक रेखा आर्या राज्य की बाल विकास मंत्री भी हैं। महिला स्वास्थ्य और माहवारी जागरूकता जैसे विषयों को लेकर सरकार की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे में विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख बाजार में महिलाओं के लिए उचित सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं होने का मामला व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

अब स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि महिलाओं के सम्मान और स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सोमेश्वर बाजार में स्थायी व्यवस्था कब होगी।

उत्तराखंड: Burger में इस्तेमाल हो रहा था बदबूदार प्याज! McDonald’s पर कार्रवाई, मीट-आइसक्रीम की बिक्री रोकी

Haridwar Food Safety | Food Inspection | McDonalds Action : रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को हरिद्वार, ज्वालापुर, पिरान कलियर और रुड़की में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। टीमों ने रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और ऑनलाइन खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

पेंटागन मॉल स्थित मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कटे हुए प्याज की गुणवत्ता खराब मिली। अधिकारियों के अनुसार प्याज से दुर्गंध आ रही थी और उसे खाने योग्य नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने रेस्टोरेंट में मीट और मीट प्रोडक्ट के साथ आइसक्रीम-डेजर्ट के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी।

विभाग ने रेस्टोरेंट के खाद्य लाइसेंस के निलंबन की भी संस्तुति की है। जांच के दौरान आइसक्रीम-डेजर्ट में इस्तेमाल होने वाले दो उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।

जांच में लेबल से जुड़ी भी अनियमितता

जांच के दौरान खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले टॉर्टिला रैप के लेबल पर निर्माण और एक्सपायरी तारीख मिटाई हुई मिली। इसके अलावा रेस्टोरेंट के खाद्य लाइसेंस में नए नामिनी का जरूरी इंडोर्समेंट नहीं कराया गया था।

अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस में मीट एवं मीट प्रोडक्ट तथा आइसक्रीम एवं डेजर्ट की खाद्य श्रेणियां भी दर्ज नहीं थीं। विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।

ऑनलाइन खाद्य कारोबार में भी मिली कमी

आर्यनगर और ज्वालापुर क्षेत्र में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। आर्यनगर स्थित एक ऑनलाइन खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान में कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल और स्टॉक से संबंधित दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

खाद्य सामग्री के रखरखाव और भंडारण में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाया गया। इस पर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा पंजाब की एक देशी घी निर्माता कंपनी को भ्रामक दावों के मामले में नोटिस दिया गया।

पिरान कलियर में उर्स मेले को लेकर जांच

उर्स मेले को देखते हुए पिरान कलियर क्षेत्र में भी खाद्य दुकानों की जांच की गई। टीम ने इलायची दाना, सोन हलवा, सोया रिफाइंड तेल और हल्दी पाउडर के नमूने लिए। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।

रुड़की में मिठाई की दुकानों पर भी कार्रवाई

रुड़की शहर में मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया गया। टीम ने बेसन लड्डू, चॉकलेट बर्फी और चॉकलेट टॉफी के नमूने जांच के लिए लिए। कार्रवाई के दौरान पुरानी तहसील और मुख्य बाजार क्षेत्र में कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

12 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे

पूरे अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 12 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। पर्वों से पहले हुई इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही।